ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026: क्या है नियम 166 और कैसे बचाएं अपना ITR रिजेक्ट होने से?
आयकर विभाग (Income Tax Department) टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सख्त बनाने की तैयारी में है। ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स, 2026 में पहली बार नियम 166 (Rule 166) को शामिल किया गया है। यह नया नियम सीधे तौर पर यह तय करेगा कि आपके द्वारा दाखिल किया गया इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) कब "दोषपूर्ण" (Defective) माना जाएगा।
अभी तक पुराने 1962 के नियमों में इसके लिए कोई समर्पित नियम नहीं था, जिससे टैक्सपेयर्स और अधिकारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी रहती थी। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि नया नियम 166 क्या है और आपको किन बातों का ध्यान रखना होगा।
नियम 166 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
नियम 166 का असल मकसद ITR फाइल करने के बाद टैक्सपेयर्स और विभाग के बीच होने वाली कागजी कार्रवाई और नोटिस के चक्कर को कम करना है। यह नया नियम इनकम टैक्स एक्ट, 2026 की धारा 263(7) के साथ मिलकर काम करेगा (ठीक वैसे ही जैसे पुराने एक्ट में धारा 139(9) काम करती थी)। इसके लागू होने से टैक्सपेयर्स को पहले से पता होगा कि फॉर्म में कौन सी गलती उनके ITR को इनवैलिड कर सकती है।
इन 4 गलतियों पर डिफेक्टिव (Defective) माना जाएगा आपका ITR
ड्राफ्ट नियम 166(1) के अनुसार, यदि आपके रिटर्न में नीचे दी गई 4 शर्तों में से एक भी उल्लंघन होता है, तो आपका ITR डिफेक्टिव मार्क कर दिया जाएगा:
- आय के सभी स्रोतों (Heads of Income) की गणना।
- ग्रॉस टोटल इनकम (GTI) की गणना।
- कुल टैक्स योग्य आय (Total Income) की गणना।
क्या इस नियम में कोई छूट मिलेगी?
हां, नियम 166(2) के तहत सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) को यह पावर दी गई है कि वह कुछ विशेष वर्ग के लोगों या संस्थाओं को नोटिफाई कर सके, जिन पर ये शर्तें लागू नहीं होंगी या कुछ संशोधनों के साथ लागू होंगी।
ITR डिफेक्टिव होने के गंभीर परिणाम
अगर आपका रिटर्न डिफेक्टिव पाया जाता है, तो आपको धारा 139(9) के तहत नोटिस मिलेगा। इसके बाद:
- गलती को सुधारने के लिए 15 दिनों का समय मिलेगा (असेसिंग ऑफिसर की अनुमति से इसे बढ़ाया भी जा सकता है)।
- यदि आप तय समय सीमा के भीतर सही फॉर्म में सुधार नहीं करते हैं, तो आपके रिटर्न को 'अमान्य' (Invalid) मान लिया जाएगा।
- अमान्य यानी आपने रिटर्न भरा ही नहीं है! इसके बाद आपको लेट फीस, पेनाल्टी और पुराने नुकसान (Losses) को आगे ले जाने (Carry-forward) के फायदों से हाथ धोना पड़ सकता है।
💡 ध्यान दें: असेसमेंट ईयर 2025-26 में भी विभाग ने TDS, AIS और अन्य डेटा मिसमैच तथा गलत ITR फॉर्म चुनने के कारण भारी संख्या में धारा 139(9) के नोटिस जारी किए हैं।
टैक्सपेयर्स को क्या करना चाहिए? (Defect Sweep Checklist)
नए नियम अप्रैल 2026 से लागू करने का प्रस्ताव है। अगली बार रिटर्न भरने से पहले एक्सपर्ट्स इन 4 बातों की जांच (Defect Sweep) करने की सलाह देते हैं:
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