Apnokaca Insights: निवेश में हुए घाटे (Loss) से टैक्स कैसे बचाएं?
Tax Loss Harvesting क्या है?
आसान शब्दों में कहें तो, यह अपने उन शेयर्स या म्यूचुअल फंड्स को बेचने की प्रक्रिया है जिनमें आपको घाटा हो रहा है, ताकि आप उस घाटे को अपने मुनाफे (Capital Gains) के साथ सेट-ऑफ (एडजस्ट) कर सकें। ऐसा करने से आपकी कुल टैक्स वाली इनकम कम हो जाती है और आपको कम टैक्स देना पड़ता है।
यह तकनीक कहाँ काम आती है?
आप इसका फायदा इन निवेशों पर उठा सकते हैं:
- शेयर बाजार (Listed Stocks)
- इक्विटी म्यूचुअल फंड्स
- बॉन्ड्स और अन्य पूंजीगत संपत्तियां
याद रखें: निवेश से हुए घाटे को आप सिर्फ निवेश से हुए मुनाफे के साथ ही एडजस्ट कर सकते हैं। इसे सैलरी इनकम के साथ नहीं जोड़ा जा सकता।
नुकसान को एडजस्ट करने के नियम
Short-Term Loss: इसे आप शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म दोनों मुनाफे के साथ एडजस्ट कर सकते हैं।
Long-Term Loss: इसे आप सिर्फ लॉन्ग-टर्म मुनाफे के साथ ही एडजस्ट कर पाएंगे।
एक उदाहरण से समझें:
मान लीजिए इस साल आपने ₹2,00,000 का मुनाफा कमाया।
• बिना प्लानिंग के: पूरे ₹2,00,000 पर टैक्स लगेगा।
• Apnokaca की सलाह: अगर आप ₹1,20,000 का घाटा बुक करते हैं, तो आपका टैक्स सिर्फ ₹80,000 पर लगेगा।
₹1.25 लाख की टैक्स-फ्री लिमिट
नए नियमों के अनुसार, लॉन्ग-टर्म मुनाफा साल भर में ₹1.25 लाख तक पूरी तरह टैक्स-फ्री है। आप हर साल अपने प्रॉफिट वाले शेयर्स बेचकर दोबारा खरीद सकते हैं ताकि आपकी खरीद लागत (Cost of Acquisition) बढ़ जाए और भविष्य का टैक्स कम हो।
Apnokaca का नजरिया
जैसे आपके परिवार का कोई अपना आपकी चिंता करता है, वैसे ही Apnokaca आपकी टैक्स बचत की चिंता करता है। सही समय पर प्लानिंग करें और अपनी मेहनत की कमाई बचाएं।
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